About Me

My photo
I am a music, art, culture enthusiast and like to flow as the nature takes me. I write poetries and shayris. I use my Pen Name as 'Zaahir'. Zahir means 'Expression'. In some contextual sense it also means 'Obvious'.
Showing posts with label bhajan. Show all posts
Showing posts with label bhajan. Show all posts

Sunday, September 1, 2024

एकाकार

छन भंगुर या मन सन एकाकार
ना हुइहें एकाकार 

या सरीर के सबरे अवयव
सब कुं सब बेकार 
ना हुइहें एकाकार 

भय सू थर थर काँप रहौ सब 
मरणौ है सबकु अब की तब 
या मन कैसौ ई सरीर से 
करीहें बेड़ा पार 

ना हुइहें एकाकार

मैं आपन भरम जाल बनावे 
सत सुर बा केहु ना सुनावै 
सत जेहि समझे मन तेही मैं के 
पूरन हो संस्कार 

ना होइहें एकाकार 
छन भंगुर या मन सन एकाकार
ना हुइहें एकाकार 

या सरीर के सबरे अवयव
सब कुं सब बेकार 
ना हुइहें एकाकार 
ना हुइहें एकाकार 

Monday, June 17, 2024

मन कंगन

मतवारा मोरा मन 
चंचल जैसे कंगन
मतवारा मोरा मन 

मन चाहत जो भी नाहि मिले 
मिल जाये कदर वा की ना करे 
अभिमानी प्रपंची हठ ये धरे 
और बाजे छन छन छन 

मतवारा मोरा मन 
चंचल जैसे कंगन
मतवारा मोरा मन 

जब ध्यान करे और ज्ञान धरे 
तब एक अग्र चित हाथ धरे 
मन बाहर से आघात करे 
और डोले यह आसन 

मतवारा मोरा मन 
चंचल जैसे कंगन
मतवारा मोरा मन 

यह चंचल और चपल मन है 
चिंतन इसको प्रति पल पल है 
आकाश में घिर घिर आये 
जैसे कारे बादल 

मतवारा मोरा मन 
चंचल जैसे कंगन
मतवारा मोरा मन 

Friday, June 7, 2024

ईंधन

एक संत एकांत सजावत
हूँ का परिचय ढूँढत है
ज्यों परिचय की परत उघारत 
फिर फिर अखियाँ मूँदत है 

ना तन ना मन ना जग चिंतन 
हूँ का रूप ना पूरत है
ना है सत देखे जो दर्पण 
ना सत आपन मूरत है 

तात मात ना पुत्र ना पुत्री 
ना है मरद ना औरत है 
बिधी धारत छाड़त ढूँढन की 
हूँ तो प्रगट ना होवत है 

मानुस पंछी जन्तु सब ही 
घट है घट घट जीवन है
घट चालत जाके कारण वह 
कवन न जानत ईंधन है 

Wednesday, June 5, 2024

साधू साधो साधना

साधू साधो साधना 

श्वासों से आराधना 

ज्ञान ज्ञानी से बड़ा

करुणा प्रेम आत्मा

साधू साधो साधना 


अनुशासन और योजना 

लक्ष्य अपने बांधता 

तप कर देवी अर्चना 

हे लक्ष्मी हे शारदा 

साधू साधो साधना


जीवन एक द्वन्द्व है  

विचारों से अनुबंध हैं 

करुणा दया ही धर्म है

साधू की आराधना 


साधू साधो साधना

श्वासों से आराधना 

ज्ञान ज्ञानी से बड़ा

करुणा प्रेम आत्मा

साधू साधो साधना 

ख़ामोशी

ख़ुश्क यादों का भँवर है ये मेरी  ख़ामोशी तल्ख़ लहजे का असर है ये मेरी  ख़ामोशी मैं जो ख़ामोश हूं सुन सकता हूं दुनिया तुझ को जज़्बा-ए-शौक़-ए-ज़बर ...