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I am a music, art, culture enthusiast and like to flow as the nature takes me. I write poetries and shayris. I use my Pen Name as 'Zaahir'. Zahir means 'Expression'. In some contextual sense it also means 'Obvious'.

Friday, October 28, 2022

Yeh kya ehsaas hai (ये क्या एहसास है)

ये क्या एहसास है

के तू मेरे पास है

यूं तो एहसास हैं अनगिनत

मगर ये खास है


ये क्या एहसास है

ज़मीं आकाश है

हवाओं में तेरी ख़ातिर

कोई विश्वास है


ये क्या एहसास है

क्यूं तेरी आस है

तुझे क्या याद अब हूँ मैं

ये कैसी प्यास है


ये क्या एहसास है

जो अब तक काश है

क्यू मेरी सांसों मे उल्झी तेरी ये सांस है

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