जब कभी तेरा ख़याल आता है
जाने क्या दिल को हुआ जाता है
वक़्त ठहरा हुआ सा लगता है
तू मेरे दिल में समा जाता है
ग़ैर लगती है ये दुनिया मुझ को
तू सगा दिल को नज़र आता है
धड़कनें रफ़्त हैं मेरे दिल की
मैं हूँ ज़िंदा ये यक़ीं आता है
इक दफ़ा मेरी तरफ़ भी देखो
क्या तेरा इसमें चला जाता है

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