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I am a music, art, culture enthusiast and like to flow as the nature takes me. I write poetries and shayris. I use my Pen Name as 'Zaahir'. Zahir means 'Expression'. In some contextual sense it also means 'Obvious'.

Tuesday, February 20, 2024

गरज़ क्या है

मोहब्बत चीज़ क्या है 
और ये करने की गरज़ क्या है 
पूछते हैं हमें जीते जी 
मरने की गरज़ क्या है?

हम उनको बोलते हैं 
बर्फ से पानी निकलता है 
अगर पानी से जीना है 
तो झरने की गरज़ क्या है?

हमें मरना तो है इक दिन 
ये सच है और मुनासिब है 
तुझे गाड़ी गुजरने पे 
ठहरने की गरज़ क्या है?

कोई बैठा है तेरे घर 
तुझे वो याद करता है 
अकेला तू वो तनहा है 
तो डरने की गरज़ क्या है?

ये चुप्पी बोलती है साफ़ 
बातें ये बराबर हैं 
मेरी बातें जो सच्ची हैं 
तो लड़ने की गरज़ क्या है?

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