ज़रा संभल के चल यहां
फ़रेब आज़माएगा
जो दिल किसी को दे दिया
तो फिर ना हाथ आएगा
कहाँ ये लौट कर मिला
जो एक बार दे दिया
बरस गया फ़लक से जो
ना फिर फ़लक पे आएगा
ज़रा संभल के चल यहां
फ़रेब आज़माएगा
ये जंग दिल दिमाग की
ये जंग आब आग की
बुझा बुझा रहेगा तू
जो जंग हार जाएगा
जो दिल किसी को दे दिया
तो फिर ना हाथ आएगा
ज़रा संभल के चल यहां
फ़रेब आज़माएगा

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