बात नाज़ुक है ज़रा हौले से
फिर कभी हम तुझे बता देंगे
आज रहने दो बात इतनी ही
दाग़ हम फिर कभी दिखा देंगे
रास्ते फूल के बना डाले
ये तो मुमकिन नहीं किसी के लिए
कोई पत्थर मगर जो बन आए
रास्तों से उसे हटा देंगे
खोज लोगों को खुदा की है यहाँ
क्यूँ भटकते हैं मुझे इल्म नहीं
कोई पूछे अगर खुदा का पता
तो तेरा घर उसे दिखा देंगे
उनको इस बात का बड़ा ग़म है
के जाताना हमें नहीं आता
वक़्त आएगा एक दिन उनको
प्यार कर के ही हम बता देंगे

No comments:
Post a Comment