About Me

My photo
I am a music, art, culture enthusiast and like to flow as the nature takes me. I write poetries and shayris. I use my Pen Name as 'Zaahir'. Zahir means 'Expression'. In some contextual sense it also means 'Obvious'.

Monday, June 10, 2024

बात नाज़ुक है

बात नाज़ुक है ज़रा हौले से 
फिर कभी हम तुझे बता देंगे 
आज रहने दो बात इतनी ही 
दाग़ हम फिर कभी दिखा देंगे 

रास्ते फूल के बना डाले 
ये तो मुमकिन नहीं किसी के लिए 
कोई पत्थर मगर जो बन आए 
रास्तों से उसे हटा देंगे 

खोज लोगों को खुदा की है यहाँ 
क्यूँ भटकते हैं मुझे इल्म नहीं 
कोई पूछे अगर खुदा का पता 
तो तेरा घर उसे दिखा देंगे 

उनको इस बात का बड़ा ग़म है 
के जाताना हमें नहीं आता 
वक़्त आएगा एक दिन उनको 
प्यार कर के ही हम बता देंगे

No comments:

Post a Comment

ख़ामोशी

ख़ुश्क यादों का भँवर है ये मेरी  ख़ामोशी तल्ख़ लहजे का असर है ये मेरी  ख़ामोशी मैं जो ख़ामोश हूं सुन सकता हूं दुनिया तुझ को जज़्बा-ए-शौक़-ए-ज़बर ...