भूल गया मैं जाने कब से
कब से जाने भूल गया
एक ज़माना था पल भर का
पल भर पहले भूल गया
मुझसे झगड़ा करना तय था
सोच के ही आया था वो
मेरी बातें सुनकर वो भी
झगड़ा करना भूल गया
मैं तो ठहरा एक बेचारा
इन्सां कितना याद रखे
गलती तेरी है क्यों की तू
याद दिलाना भूल गया
ऐसा क्या हुआ है तुमको
चेहरा क्यूँ मुरझाया है
कौन सी बातें याद है तुझको
मैं तो सब कुछ भूल गया

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