ऐसे कैसे ये तुमने सोच लिया
आज के बाद भूल जाओगे
इतना आसाँ भी नहीं बच पाना
हर तरफ अक्स मेरे पाओगे
तुम जो जाने की बात करते हो
जो हम गए तो जान जाओगे
बड़ी मुश्किल से रात गुज़रेगी
बिन मेरे रह ही नहीं पाओगे
बात ऐसी अगर करोगे तो
क्या मेरा साथ तुम निभाओगे
दो घडी बैठ के बातें तो करो
क्या पता खुद ही मान जाओगे
तेरी शर्तों के ऐसे पैमाने
और कितना मुझे रुलाओगे
प्यार ख़ुद गर्ज़ तो नहीं होता
प्यार होते ही समझ जाओगे

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