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I am a music, art, culture enthusiast and like to flow as the nature takes me. I write poetries and shayris. I use my Pen Name as 'Zaahir'. Zahir means 'Expression'. In some contextual sense it also means 'Obvious'.

Friday, September 13, 2024

पत्थर

Behr (2122 121 222)

After learning Behr Grammar

लख्त-ए-खूँ है ये रेत कर देखो 
कैफ़ियत है समेट कर देखो
लाल रंग का है इसमें लावा सा 
अपने हाथों से छेड़ कर देखो
[लख्त-ए-खूँ = blood clot, कैफ़ियत = kahaani)

क्या है के ज़िन्दगी तो नाटक है
और किरदार सबके आवारा
हर दफा तुम ही क्यूं बनो क़ातिल
इक दफ़ा मौत का भी डर देखो

देख ताज़ा हवा के ये झोंके 
शोर करते हैं ये तुझे होके 
दिल में लहरों सी गुदगुदी होगी 
एक पत्थर तो फ़ेंक कर देखो 


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Before learning behr Grammar

लख्त-ए-खूँ है रेत कर देखो 
ये कैफ़ियत समेट कर देखो 
चोट दिल पर है नुमाइश के लिए 
आओ आ जाओ कुरेद कर देखो 
[लख्त-ए-खूँ = blood clot, कैफ़ियत = kahaani, नुमाइश  = exhibition]

फिर किसी का दिलरुबा होना 
मेरी वफ़ा का बेवफ़ा होना 
अपने दिल की ख्वाहिशों के लिए 
इक दफ़ा तुम फ़रेब कर देखो 
चोट दिल पर है नुमाइश के लिए 
आओ आ जाओ कुरेद कर देखो 

देख ताज़ा हवा के ये झोंके 
शोर करते हैं ये तुझे होके 
दिल में लहरों सी गुदगुदी होगी 
एक पत्थर तो फ़ेंक कर देखो 
चोट दिल पर है नुमाइश के लिए 
आओ आ जाओ कुरेद कर देखो 

1 comment:

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