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I am a music, art, culture enthusiast and like to flow as the nature takes me. I write poetries and shayris. I use my Pen Name as 'Zaahir'. Zahir means 'Expression'. In some contextual sense it also means 'Obvious'.

Tuesday, March 12, 2024

रुहदारी

तेरे इश्क़ में दिल रुहदारी रुहदारी करता है
तेरे इश्क़ में दिल रुहदारी रुहदारी करता है
तेरे इश्क़ में दिल रुहदारी रुहदारी करता है

कितना भी समझाओ इसको मक्कारी करता है 
तेरे इश्क़ में दिल रुहदारी रुहदारी करता है

हफ़्तों से मिलने की देखो तैयारी करता है 
तेरे इश्क़ में दिल रुहदारी रुहदारी करता है

कभी दिन में हो कभी रात हो 
बेवक़्त ही कोई बात हो 
दिल धक् धक् कर के कितनी होशियारी करता है 
तेरे इश्क़ में दिल रुहदारी रुहदारी करता है

तुम आओगे छा जाओगे 
या ऐसे ही चले जाओगे 
तेरे इरादों से मुझको जुआरी करता है 
तेरे इश्क़ में दिल रुहदारी रुहदारी करता है

अजी आओ तो फ़रमाओ तो 
हमसे बातें बतलाओ तो 
तेरा ये मजनू बातें बड़ी प्यारी करता है 
तेरे इश्क़ में दिल रुहदारी रुहदारी करता है

तेरे इश्क़ में दिल रुहदारी रुहदारी करता है
तेरे इश्क़ में दिल रुहदारी रुहदारी करता है

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