उड़ने की बातें करते हो
और चलने से भी डरते हो
बदलोगे हाथों की लकीरें
तुम कैसी बातें करते हो
इक से हैं तुम और मैं कितने
फ़र्क़ मगर ये क्यूँ करते हो
मेरा क़द है तुझसे बेहतर
बच्चों सी बातें करते हो
साँसों का ये तुझमे चलना
इसमें तुम खुद क्या करते हो
ख़ुद देते हो ख़ुद की मिसालें
किससे सब समझा करते हो
खाना पीना जीना मरना
इसके अलावा क्या करते हो
दुनिया चलेगी तुम ना रहोगे
इतना गुमाँ फिर क्यों करते हो

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