दिल के मिजाज़ आज ज़रा मुख़्तलिफ़ से हैं
जज़्बात के रवाँ भी ज़रा मुख़्तलिफ़ से हैं
लगता है ज़ोर-ओ-शोर से बरसेंगे आज ये
बादल के रंग आज ज़रा मुख़्तलिफ़ से हैं
[मिजाज़ = mood], [मुख़्तलिफ़ = different], [रवाँ = flow]
कहना है जो तुझे वही कहना है मुझको भी
बस लहज़े तेरे और मेरे मुख़्तलिफ़ से हैं
[लहज़े = styles]
खुशियों से बह रहे हैं काशीदों की चौंधी में
इन आँसुओं के ज़ाइक़े भी मुख़्तलिफ़ से हैं
[अश्क़ = tears], [ज़ाइक़े = tastes]
कनखी से देखते हैं हमें वो पए-हम ही
अन्दाज़ देखने के ज़रा मुख़्तलिफ़ से हैं
[कनखी = side glance,पए-हम = continuously]
2212 1211 2212 22
है तौर तर्ज और है आवाज़ बस अलग
अल्लाह और देव कहाँ मुख़्तलिफ़ से हैं?
[इबादत = prayer]
ये जश्न झूम झूम मनाएंगे हम मिल कर
महफ़िल में आज साज़ ज़रा मुख़्तलिफ़ से हैं
[साज़ = musical instruments]
वो पूछते हैं हमने कहाँ शब थी गुज़ारी
कपड़ों के दाग़ आज ज़रा मुख़्तलिफ़ से हैं
इक जान बँट गई है यहाँ आज़माइशी
औ जिस्म जो दिये हैं ज़रा मुख़्तलिफ़ से हैं
[दरमियाँ = between]
उस्ताद ने कहा है मेरा सुनके ये कलाम
इस बार शेर तेरे ज़रा मुख़्तलिफ़ से हैं
[kalaam = poetry (in this case)]

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