नाद का स्वाद लिया समझा वो
जीवन का क्या अर्थ है
प्रश्न करे मन लेकिन सब कुछ
कहना सुनना व्यर्थ है
आहत तो अनिवार्य नहीं है
अनहत से जीवन है
अनहत की आहट सुन लो तब
जीवन तेरा स्वर्ग है
जीवन का क्या अर्थ है
प्रश्न करे मन लेकिन सब कुछ
कहना सुनना व्यर्थ है
आहत तो अनिवार्य नहीं है
अनहत से जीवन है
अनहत की आहट सुन लो तब
जीवन तेरा स्वर्ग है

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