मुस्कुराएंगे
बहल जाएंगे
आज़माएंगे
फिर सताएंगे
वो बुलाएंगे
हम ना जाएंगे
यूँ दिखाएँगे
ख़ार खाएंगे
तिलमिलायेंगे
रूठ जाएंगे
दिल दुखायेंगे
===========
बाज़ आएंगे नहीं
रंजिश ही सही
===========
ख़ुश्क यादों का भँवर है ये मेरी ख़ामोशी तल्ख़ लहजे का असर है ये मेरी ख़ामोशी मैं जो ख़ामोश हूं सुन सकता हूं दुनिया तुझ को जज़्बा-ए-शौक़-ए-ज़बर ...
No comments:
Post a Comment