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I am a music, art, culture enthusiast and like to flow as the nature takes me. I write poetries and shayris. I use my Pen Name as 'Zaahir'. Zahir means 'Expression'. In some contextual sense it also means 'Obvious'.

Tuesday, August 27, 2024

अच्छा नहीं लगता

अब तुमसे मुझे मिलना अच्छा नहीं लगता 

ये बात तुमसे कहना भी अच्छा नहीं लगता 

पर ये भी तो अच्छा नहीं लगता जो ना मिलूँ 

फिर मिल के बिछड़ना भी तो अच्छा नहीं लगता 


तुमने कहा शायद तभी मिलने चले आये 

पर सच तो है के हमसे भी अब रहा नहीं जाए 

वादा किया है तुझसे के होंगे ना अब जुदा 

वादे से मुकरना भी तो अच्छा नहीं लगता 


हैरत नहीं होती है मुझे इस जहान से 

कितने ही जा चुके हैं यहाँ अपनी जान से 

क्या फ़ायदा मिलेगा अगर हम ही ना रहे  

इस बात से डरना भी तो अच्छा नहीं लगता 

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