मुझसे,
बोहोत लोग मिलते हैं यूँ ही आते जाते
बोहोत लोग मिलते हैं यूँ ही आते जाते
एक तुम ही मिले मुझसे हँसते हँसाते - 2
कैसे,
मदहोश आँखों से हम खुद को बचाते
मेरे,
दोस्त मुझसे कहते हैं जलते जलाते - 2
हरदम ही गुनगुनाना हरदम ही मुसकुराना
तुम कैसे ढूंढते हो हंसने का कोई बहाना
अच्छा,
अब तो बताओ के तुम कैसे फ़रमाते
अगर मैं रूठ जाती मुझको कैसे मनाते
कैसे,
मदहोश आँखों से हम खुद को बचाते
मेरे,
दोस्त मुझसे कहते हैं जलते जलाते - 2
मुझसे,
बोहोत लोग मिलते हैं यूँ ही आते जाते
बोहोत लोग मिलते हैं यूँ ही आते जाते
एक तुम ही मिले मुझसे हँसते हँसाते - 2
पैग़ाम देखा तेरा तो फिर याद आ गया रे
मैं कुछ,
भूल गया गलती से और पकड़ा गया रे
फिर सोचा अब तो तुझको मनाना पड़ेगा
और ये गीत बन गया देखो मनाते मनाते
मुझसे,
बोहोत लोग मिलते हैं यूँ ही आते जाते
बोहोत लोग मिलते हैं यूँ ही आते जाते
एक तुम ही मिले मुझसे हँसते हँसाते - 2
कैसे,
मदहोश आँखों से हम खुद को बचाते
मेरे,
दोस्त मुझसे कहते हैं जलते जलाते - 2

No comments:
Post a Comment