About Me

My photo
I am a music, art, culture enthusiast and like to flow as the nature takes me. I write poetries and shayris. I use my Pen Name as 'Zaahir'. Zahir means 'Expression'. In some contextual sense it also means 'Obvious'.

Thursday, September 26, 2024

ज़ियादती

ये फ़नकारों की कहते हैं अलामती नहीं करते 

दिल से करते हैं तारीफ़ें बनावटी नहीं करते 

बड़ी खूबी से रखते हैं नाम सबका ये अज़मत से 

ज़िया की आदत है ये भी ज़ियादती नहीं करते 


=============================

जो झलक भी न दिखाए तो फज़ल ही क्या है 

जो समझ सबके ही आये वो अज़ल ही क्या है 

जो तुझे सैर कराये ना  हकीकत की तरह 

जो तरन्नुम न सजाये वो ग़ज़ल ही क्या है 

1 comment:

ख़ामोशी

ख़ुश्क यादों का भँवर है ये मेरी  ख़ामोशी तल्ख़ लहजे का असर है ये मेरी  ख़ामोशी मैं जो ख़ामोश हूं सुन सकता हूं दुनिया तुझ को जज़्बा-ए-शौक़-ए-ज़बर ...