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I am a music, art, culture enthusiast and like to flow as the nature takes me. I write poetries and shayris. I use my Pen Name as 'Zaahir'. Zahir means 'Expression'. In some contextual sense it also means 'Obvious'.

Tuesday, December 10, 2024

इंतज़ार

प्यार करते हैं उन्हें ऐसे प्यार करते हैं
प्यार के वास्ते ही रोज़ गार करते हैं
उनसे क्या मिलना जो खाबों से हैं बसे दिल तक
हम कहाँ उनका कभी इंतज़ार करते हैं

दोस्त वो है जो संभाले किसी को राहों में
जो सँभलते नहीं हम उनको यार करते हैं

हम तो वो हैं के जहाँ बैठ जाएँ जन्नत है
आप जन्नत का भी क्या एतबार करते हैं

जो रकम दे नहीं सकते हैं सारी दुनिया को
वो तो बस लफ़्ज़ का ही कारोबार करते हैं

जो बताते नहीं हैं प्यार कितना है तुमसे 
वो ही तो प्यार तुम्हें बेशुमार करते हैं

करते 'ज़ाहिर' जो हमें तो क़रार मिल जाता 
कुछ न कहके वो हमें बेक़रार करते हैं 

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