About Me

My photo
I am a music, art, culture enthusiast and like to flow as the nature takes me. I write poetries and shayris. I use my Pen Name as 'Zaahir'. Zahir means 'Expression'. In some contextual sense it also means 'Obvious'.

Friday, December 6, 2024

अजनबी

Bahr: 212-212-212-212


हम भि हैं अजनबी तुम भि हो अजनबी
रास्ते अजनबी मंज़िलें अजनबी
सोचा हम ही चलो बात कर लें जहाँ
है सफ़र अजनबी हर नज़र अजनबी

हमने सोचा बोहोत और पाया यही
हर किसी तौर पर हर कोई अजनबी
ज़ाइदों के लिए बारहा ही रहा
है ज़हन अजनबी और बदन अजनबी
[ज़ाइद = छोटे बच्चे, बारहा = हमेशा से]

ये जो पहचान है ये भी मिट जाएगी
दर-बदर रूह भटकेगी फिर अजनबी
दीद की बात कहता है 'ज़ाहिर' सुनो
ज़िन्दगी अजनबी मौत भी अजनबी
[दीद = philosophy]

एक लड़की को देखा तो ऐसा लगा
सीख लेती है एहले हुनर अजनबी
घर बसाने की खातिर चली जाती है
हो जहाँ पर की दीवारो-दर अजनबी

हाल तेरा जो है वो पता है मुझे
माना तकदीर का है ज़हर अजनबी
छोड़ दो वक़्त को वक़्त के हाल पर
है फ़िकर अजनबी चारगर अजनबी
[चारगर = solution दिलाने वाला]

No comments:

Post a Comment

ख़ामोशी

ख़ुश्क यादों का भँवर है ये मेरी  ख़ामोशी तल्ख़ लहजे का असर है ये मेरी  ख़ामोशी मैं जो ख़ामोश हूं सुन सकता हूं दुनिया तुझ को जज़्बा-ए-शौक़-ए-ज़बर ...