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I am a music, art, culture enthusiast and like to flow as the nature takes me. I write poetries and shayris. I use my Pen Name as 'Zaahir'. Zahir means 'Expression'. In some contextual sense it also means 'Obvious'.

Tuesday, January 28, 2025

खून जलता है

इक तो अल्फ़ाज़ तराशी से खून जलता है
उसपे बेनाम तराशी से खून जलता है
[दाग़ बेदाग़ तराशी = Judge karna, अल्फ़ाज़ तराशी = Gyan dena]

जिनको बस अर्ज़ ग़ुज़ारी ही रास आती है
उनकी इल्ज़ाम तराशी से खून जलता है
[अर्ज़ ग़ुज़ारी = chaatukarita/chamcha giri, इल्ज़ाम तराशी = ungli dikhaana]

अहलियत आज दिखा दो तो बात मानेंगे
नस्ली अंदाज तराशी से खून जलता है
[अहलियत = ability, नस्ली अंदाज के पाशी = racist commenter]

बेझिझक कह दे तुझे बात जो भी कहनी है
बात के बीच राशी से खून जलता है
[ख़राशी = irritation /गला साफ़ करने की प्रक्रिया ]

जो हिफ़ाज़त ही बताते तो कोई बात न थी
यूँ हि बे बात तलाशी से खून जलता है

लो गला घोंट दिया मैंने अपने ख़ाबों का
इस पे 'ज़ाहिर' कि शबाशी से खून जलता है

हमको मालूम है मज़मून क्या लिखा तुमने
पर लिफ़ाफ़े कि नकाशी से खून जलता है

खून जलता है यही सोचकर कहूँ अब क्या
और कुछ कहना न हो तो भी खून जलता है


2 comments:

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