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I am a music, art, culture enthusiast and like to flow as the nature takes me. I write poetries and shayris. I use my Pen Name as 'Zaahir'. Zahir means 'Expression'. In some contextual sense it also means 'Obvious'.

Sunday, February 2, 2025

देखा

उसके जाने का ये असर देखा
आज वीरान अपना घर देखा
डूबता ही चला गया, जब से 
उसकी आँखों में अपना दर देखा 

उसकी महफ़िल में पारा पारा थे
उसकी मुझपर ही थी नज़र, देखा?

अक्स आईने में मेरा जो दिखा
उसने फिर ख़ुद को देखकर देखा

बात आगे न की के मैंने तुझे  
बात करता अगर मगर देखा 

मैं तो बिलकुल से उसका पूरा था 
उसने तो बस मेरा हो कर देखा 

मैं उजड़ के बिखर न जाऊँ कहीं
उसकी आँखों में मैंने डर देखा

शौक़ 'ज़ाहिर' था लौट कर देखूँ
हूक का मैंने फिर भँवर देखा

उससे मिलना था ख़ाब मेरे लिये
ख़ाब में उसको रात भर देखा

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