उसके जाने का ये असर देखा
आज वीरान अपना घर देखा
डूबता ही चला गया, जब से
उसकी आँखों में अपना दर देखा
उसकी महफ़िल में पारा पारा थे
उसकी मुझपर ही थी नज़र, देखा?
अक्स आईने में मेरा जो दिखा
उसने फिर ख़ुद को देखकर देखा
बात आगे न की के मैंने तुझे
बात करता अगर मगर देखा
मैं तो बिलकुल से उसका पूरा था
उसने तो बस मेरा हो कर देखा
मैं उजड़ के बिखर न जाऊँ कहीं
उसकी आँखों में मैंने डर देखा
शौक़ 'ज़ाहिर' था लौट कर देखूँ
हूक का मैंने फिर भँवर देखा
उससे मिलना था ख़ाब मेरे लिये
ख़ाब में उसको रात भर देखा

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