मौज हूँ मौज अपनी लॅहॅरों का
कोई ढांचा नहीं हूँ नॅहॅरों का
इक हवा हूँ मनचली सौंधी
कोई तूफ़ाँ नहीं हूँ शहॅरों का
बात सुन लो समंदर की ज़रा
क्या बड़ा है सवाल लॅहॅरों का
फ़ितरतों का तो उसे ख़ौफ़ कहाँ (फ़ितरत = someone's nature)
जाम पीता है रोज़ ज़हॅरों का
कुछ तवज्जू हमें भी बख़्शा करो (तवज्जू = attention)
दिल तड़पता नहीं है ग़ैरों का
तोडना है नहीं मुझे आसां
कोई शीशा नहीं हूँ मॅहॅलों का
माना एक हर्फ़ हूँ शेरों का तेरे (हर्फ़ = letter /alphabet)
इक इबारत हूँ तेरे चॅहॅरों का (इबारत = expression)
दिल की बातों को दिल से लिखता हूँ
ना करो ज़िक्र मेरी बेह्रों का (ज़िक्र = discussion, बेह्र = meter/rythm)
ये घडी दो घडी जो थम जाए
देख लूँ जज़्बा मैं भी कॅहॅरों का (जज़्बा = passion)
फिर जुदाई की बात करते हो
चेहरा तेरा है कितने चेहरों का
एक बारी हज़ार बार हुई
तजरुबा है मुझे भी पॅहॅरों का (तजरुबा = experience)

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