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I am a music, art, culture enthusiast and like to flow as the nature takes me. I write poetries and shayris. I use my Pen Name as 'Zaahir'. Zahir means 'Expression'. In some contextual sense it also means 'Obvious'.

Friday, March 1, 2024

नहीं मिला

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ये बात तो नहीं के 
कोई नहीं मिला 
लेकिन ये बात भी है 
तुझसा नहीं मिला 

फ़ार्रुख वो ही हुए जो (फ़ार्रुख = fortunate)
रस्तों पे चल पड़े 
हमने तो बोहोत ढूँढा 
रस्ता नहीं मिला 

ऐसी नज़र न देखो 
हम हैं नए अभी 
हमको भी घर यहां पर 
सस्ता नहीं मिला 

दीवारों को नवाज़ा (नवाज़ा = respect)
हद इन्तेहाई की (हद इन्तेहाई = extremity)
कोई भी रंग इनपे 
जचता नहीं मिला 

बनते हैं आसमां में 
जोड़े कहीं मगर 
हमको कोई असल 
वा बस्ता नहीं मिला (वा बस्ता = connected)

तू बे वफ़ा हुआ तो 
ऐसा भी क्या हुआ 
तुमसा कोई भी मुझको 
हँसता नहीं मिला 

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