धूप आती है तो बारिश भी साथ लाती है
न जाने कैसे दिल को तेरी याद आती है
बाद बारिश के यहाँ बाढ़ सी आ जाती है
न जाने कैसे दिल को तेरी याद आती है
निशाँ कुछ भी तो नहीं
निशाँ कुछ भी तो नहीं
निशाँ कुछ भी तो नहीं हैं तेरे अब इस घर में
वो जगहा खाली तेरे गीत गुनगुनाती है
न जाने कैसे दिल को तेरी याद आती है
नींद आती है बोहोत
नींद आती है बोहोत
थकन से सारे दिन के नींद तो आती है बोहोत
कोई घुँघरू की छनक रात भर जगाती है
न जाने कैसे दिल को तेरी याद आती है
भूलना है तुझे
भूलना है तुझे
भूलना है तुझे ये कह के भूल जाता हूँ
तेरी यादें क्या मेरी उम्र भर का साथी है
न जाने कैसे दिल को तेरी याद आती है
मुट्ठियाँ बंद करूँ
मुट्ठियाँ बंद करूँ
मुट्ठियाँ बंद करूँ कुछ भी ना माँगूँ रब से
कोई बिसरी सी महक याद कुछ दिलाती है
न जाने कैसे दिल को तेरी याद आती है
न जाने कैसे दिल को तेरी याद आती है
न जाने कैसे दिल को तेरी याद आती है

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