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I am a music, art, culture enthusiast and like to flow as the nature takes me. I write poetries and shayris. I use my Pen Name as 'Zaahir'. Zahir means 'Expression'. In some contextual sense it also means 'Obvious'.

Friday, June 21, 2024

आब

आसमानों से आता है हर हुनर ​​का ये बानी है (बनाने वाला - architect)

ये सच्ची बात है देखो हर किसी ने ये मानी है

ये अपनी चाल से काटे ज़माने भर की उलझन को

ज़ेहन में याद रख जाए बड़ा ये दास्तानी है


किसी पैग़ाम से मिल कर ये हमदम की निशानी है

इसे जो पढ़ सके कोई तो फिर ये रा'ए ज़ानी है (टिप्पणी - commentary )

कोई भी छोड़ ना पाया अभी तक इस अकेले को

बहुत नायाब है देखो बड़ा ये पास्तानी है (प्राचीन - antique)


जहां पर ये नहीं होता वहां आनी ना जानी है

जहां भी ये बिखर जाए वहां बस शादमानी है (खुशी - joy)

ये हरदम राज करता है महफ़िलों की ये रानी है

बिना इसके बड़ी सूखी बदगुमा मेज़बानी है


इसे दे दो ज़रा इज़्ज़त कोई इसका ना सानी है

ज़िन्दगी जब से चलती है बात इतनी पुरानी है

ये पानी है ये पानी है बड़ा ही खान दानी है

बुढ़ापे में दवा सा है जवानों की जवानी है


हयात-ए-आब पानी है ज़हर की राख पानी है 

ज़िंदगी के लिए पानी मौत के बाद पानी है 

ज़मी से है फ़लक तक ज़िंदगी तो बस ये पानी है 

ज़मी से है फ़लक तक ज़िंदगी तो बस ये पानी है 

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