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I am a music, art, culture enthusiast and like to flow as the nature takes me. I write poetries and shayris. I use my Pen Name as 'Zaahir'. Zahir means 'Expression'. In some contextual sense it also means 'Obvious'.

Tuesday, November 26, 2024

लग रहा है

वक्त गुज़रा हुआ सा लग रहा है
और सब कुछ हुआ सा लग रहा है

उनको देखा है जबसे दिल पे मेरे
कोई जादू हुआ सा लग रहा है

तेरी खुशबू जो आई आसमाँ से
तूने मुझको छुआ सा लग रहा है

तंज़ सी लग रही है सब की कही
तेरा कहना दुआ सा लग रहा है

दिल के चाहत की बात क्या ही कहें
एक अंधा कुआं सा लग रहा है

जाने पहचाने मेरे सब हैं यहाँ 
कोई छूटा हुआ सा लग रहा है

देख लेता बिछड़ना मैं भी तेरा
आंख में कुछ धुआं सा लग रहा है


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