वक्त गुज़रा हुआ सा लग रहा है
और सब कुछ हुआ सा लग रहा है
उनको देखा है जबसे दिल पे मेरे
कोई जादू हुआ सा लग रहा है
तेरी खुशबू जो आई आसमाँ से
तूने मुझको छुआ सा लग रहा है
तंज़ सी लग रही है सब की कही
तेरा कहना दुआ सा लग रहा है
दिल के चाहत की बात क्या ही कहें
एक अंधा कुआं सा लग रहा है
जाने पहचाने मेरे सब हैं यहाँ
कोई छूटा हुआ सा लग रहा है
देख लेता बिछड़ना मैं भी तेरा
आंख में कुछ धुआं सा लग रहा है

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