About Me
- Vivek Pohre
- I am a music, art, culture enthusiast and like to flow as the nature takes me. I write poetries and shayris. I use my Pen Name as 'Zaahir'. Zahir means 'Expression'. In some contextual sense it also means 'Obvious'.
Wednesday, April 10, 2024
बिसरी सी महक
Tuesday, April 9, 2024
सदा
Sunday, April 7, 2024
नमी
[चश्मे सराब = like mirage], [ज़ुल्मतों के हिजाब = cover of darkness]
[शबाब = youth]
[हबाब = bubble]
[जुस्तजू = desire]
Saturday, April 6, 2024
मार डाला
Friday, April 5, 2024
बेचैन
तू कौन है
तू कहाँ पे है
तू दिल में है
या जाँ में है
तुझे चाहता हूँ देखूँ आँखों से इक दफ़ा
बेचैन कर रहा है तेरी दीद का नशा
तू कौन है कहाँ है किस देस मे बसा
बेचैन कर रहा है तेरी दीद का नशा
तू मुझे तो जानता है अपना तू दर बता
बेचैन कर रहा है तेरी दीद का नशा
तुझे सागरों में ढूंढा तुझे आसमा में ढूंढा
तुझे आशकी में ढूंढा तुझे बंदगी में ढूंढा
तुझे खुशबुओं में ढूंढा खामोशियों में ढूंढा
तुझे होश में भी ढूंढा बेहोशियों में ढूंढा
दिखता नहीं कहीं तू ढूंढा है कहकशा
बेचैन कर रहा है तेरी दीद का नशा
मेरी सांस में नहीं है मेरे खून में नहीं है
आवाज़ में नहीं है नाखून मे नहीं है
तू किताब में नहीं है मजमून में नहीं है
तू जुनून में नहीं है तू सुकून में नहीं है
फिर भी न जाने कैसे महसूस है किया
बेचैन कर रहा है तेरी दीद का नशा
तेरी चाहतों में पागल तेरी ख्वाहिशों में घायल
दरिया से सूख कर मैं अब बन गया हूँ बादल
दीदार के लिए ही मैं तड़प रहा हूँ पल पल
तड़प रहा हूँ पल पल तड़प रहा हूँ पल पल
तू किसी को भी दिखा है या मुझे न दिख सका
बेचैन कर रहा है तेरी दीद का नशा
प्यार नज़र आता है
Thursday, April 4, 2024
याद आ गई
देखता था कल छत पे नज़ारा
छोटे छोटे से बच्चों को निवाला
जब चिड़िया ने चोंच से खिलाया
ओ माँ तेरी याद आ गई
माँ तेरी याद आ गई
ओ माँ तेरी याद आ गई
लेके आती थी तू आसमा से तारा
आज पता चला जग देखा सारा
आंसुओं का स्वाद होता है खारा
ओ माँ तेरी याद आ गई
तेरी पोती भी है तुझसी ही प्यारी
बात करती है वो मगर बहुत सारी
एक दिन वो भी हो जाएगी नारी
ओ माँ तेरी याद आ गई
पूजा करती तू लगाती थी रोली
चाहे हो दिवाली या हो फिर होली
मेरी भर दे फिर प्यार की झोली
ओ माँ तेरी याद आ गई
तेरे हाथों से मैं कितना नहाया
मैंने कितना है तुझको थकाया
आज देख फिर मैं आंसू से नहाया
ओ माँ तेरी याद आ गई
माँ तेरी याद आ गई
ओ माँ तेरी याद आ गई
ख़ामोशी
ख़ुश्क यादों का भँवर है ये मेरी ख़ामोशी तल्ख़ लहजे का असर है ये मेरी ख़ामोशी मैं जो ख़ामोश हूं सुन सकता हूं दुनिया तुझ को जज़्बा-ए-शौक़-ए-ज़बर ...
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ख़ुश्क यादों का भँवर है ये मेरी ख़ामोशी तल्ख़ लहजे का असर है ये मेरी ख़ामोशी मैं जो ख़ामोश हूं सुन सकता हूं दुनिया तुझ को जज़्बा-ए-शौक़-ए-ज़बर ...
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दिल की ये धड़कन इबादत सी है और तेरी मुरादें इनायत सी है ज़िंदा तो वैसे भी रह लेते हम पर दिल को धड़कने की आदत सी है बातें करूँ दिन की रा...
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Bahr: 2122 1212 22 इश्क़ की हद को पार कर बैठा दिल ये दुश्मन से प्यार कर बैठा उसका आना हुआ जो बज़्म ए मज़ार आँख दो से मैं चार कर बैठा दिल स...